आदमी को दूसरे जीवों की नज़र से देखो ,शायद जीना आ जाय।
बिना झूठ बोले दुनिया में रहना मुश्किल है, अगर दुनिया में सच बोलकर रह भी लिए तो पत्नी से बिना झूठ बोले पत्नी के साथ रहना असंभव है।
ऊपर उठने का कोई स्तर न हो पर नीचे गिरने का एक स्तर जरूर बनाना चाहिए।
धन की तीन गति हैं: दान , भोग और नाश
धन की बैलेंस शीट बनाने की बजाय जीवन की बैलेंस शीट बनाकर उसके अनुसार चलने में अधिक सुख है।
मृत्यु निश्चित है , ऐसा जीवन जीना चाहिए की मृत्यु सुखद हो।

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